View Hymn (Bhajan)

Sr No. 3618 | Date: 01-Sep-19991999-09-01दिलमें क्यों अक्सर ऐसे भाव जगते हैंhttps://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=dilamem-kyom-aksara-aise-bhava-jagate-haimदिलमें क्यों अक्सर ऐसे भाव जगते हैं,

कि हम उठकर आगे बढ़ना चाहें, पर वो हमें गिरा जाते हैं,

कहाँ से ये आते है पास हमारे, ये हम कह सकते हैं ।

हमारे विकारों में से ये जन्म लेते हैं, दिलमें क्यों…..

चाहे सँवारना हम अपनी जिंदगानी, पर ये क्या होता है,

कि बिगाड़ना ही तकदीर हमारी बन जाती है ।

जब इच्छाओं के आगे अपना जोर नहीं चलता है,

फिर बहाने बाजी और इल्जामों में खो जाते हैं ।

सच्चा हल ढूँढ़ने की जगह, उदास हम हो जाते हैं ,

कि चलकर आगे बढ़ने की जगह, वहीं के वहीं रहे जाते हैं ।

दिलमें क्यों अक्सर ऐसे भाव जगते हैं
Dilamem kyom aksara aise bhava jagate haim

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दिलमें क्यों अक्सर ऐसे भाव जगते हैं,

कि हम उठकर आगे बढ़ना चाहें, पर वो हमें गिरा जाते हैं,

कहाँ से ये आते है पास हमारे, ये हम कह सकते हैं ।

हमारे विकारों में से ये जन्म लेते हैं, दिलमें क्यों…..

चाहे सँवारना हम अपनी जिंदगानी, पर ये क्या होता है,

कि बिगाड़ना ही तकदीर हमारी बन जाती है ।

जब इच्छाओं के आगे अपना जोर नहीं चलता है,

फिर बहाने बाजी और इल्जामों में खो जाते हैं ।

सच्चा हल ढूँढ़ने की जगह, उदास हम हो जाते हैं ,

कि चलकर आगे बढ़ने की जगह, वहीं के वहीं रहे जाते हैं ।



- संत श्री अल्पा माँ
Lyrics in English


dilamēṁ kyōṁ aksara aisē bhāva jagatē haiṁ,

ki hama uṭhakara āgē baḍha़nā cāhēṁ, para vō hamēṁ girā jātē haiṁ,

kahām̐ sē yē ātē hai pāsa hamārē, yē hama kaha sakatē haiṁ ।

hamārē vikārōṁ mēṁ sē yē janma lētē haiṁ, dilamēṁ kyōṁ…..

cāhē sam̐vāranā hama apanī jiṁdagānī, para yē kyā hōtā hai,

ki bigāḍa़nā hī takadīra hamārī bana jātī hai ।

jaba icchāōṁ kē āgē apanā jōra nahīṁ calatā hai,

phira bahānē bājī aura iljāmōṁ mēṁ khō jātē haiṁ ।

saccā hala ḍhūm̐ḍha़nē kī jagaha, udāsa hama hō jātē haiṁ ,

ki calakara āgē baḍha़nē kī jagaha, vahīṁ kē vahīṁ rahē jātē haiṁ ।