View Hymn (Bhajan)

Sr No. 2486 | Date: 20-Jun-19981998-06-20एक अकेला दिल है, और नजरों के सामने मंजिलों की बारात हैhttps://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=eka-akela-dila-hai-aura-najarom-ke-samane-manjilom-ki-barata-haiएक अकेला दिल है, और नजरों के सामने मंजिलों की बारात है,

कैसे करुँ फैसला मैं, के इम्तिहान बड़ा मुश्किल है?

कैसे चुनूँ मैं अपनी मंजिल को, जहाँ बिखरा हुआ मेरा दिल है?

कैसे बढ़ाऊ कदम अपना आगे, के करना फैसला बहुत मुश्किल है?

कदम-कदम पर बदले नजारे वहाँ, कैसे कहु के क्या नज़र के सामने है?

कहना तो चाहता हूँ कुछ अपनेआप से, पर ये कहना बहुत मुश्किल है।

उलझ उलझ के थक चुका हूँ, फिर भी ये लगता है के उलझना अभी बाकी है।

चल रहा हूँ जिस राहपर, पता नही अब कितना चलना बाकी है।

भटक रहा हूँ जहाँ मैं वहाँ कैसे कहूँ कि मंजिल कितनी नजदीक है।

पर जो है इस इम्तिहाने जिंदगी में पास होना बहुत मुश्किल है।

एक अकेला दिल है, और नजरों के सामने मंजिलों की बारात है
Eka akela dila hai, aura najarom ke samane manjilom ki barata hai

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एक अकेला दिल है, और नजरों के सामने मंजिलों की बारात है,

कैसे करुँ फैसला मैं, के इम्तिहान बड़ा मुश्किल है?

कैसे चुनूँ मैं अपनी मंजिल को, जहाँ बिखरा हुआ मेरा दिल है?

कैसे बढ़ाऊ कदम अपना आगे, के करना फैसला बहुत मुश्किल है?

कदम-कदम पर बदले नजारे वहाँ, कैसे कहु के क्या नज़र के सामने है?

कहना तो चाहता हूँ कुछ अपनेआप से, पर ये कहना बहुत मुश्किल है।

उलझ उलझ के थक चुका हूँ, फिर भी ये लगता है के उलझना अभी बाकी है।

चल रहा हूँ जिस राहपर, पता नही अब कितना चलना बाकी है।

भटक रहा हूँ जहाँ मैं वहाँ कैसे कहूँ कि मंजिल कितनी नजदीक है।

पर जो है इस इम्तिहाने जिंदगी में पास होना बहुत मुश्किल है।



- संत श्री अल्पा माँ
Lyrics in English


ēka akēlā dila hai, aura najarōṁ kē sāmanē maṁjilōṁ kī bārāta hai,

kaisē karum̐ phaisalā maiṁ, kē imtihāna baḍa़ā muśkila hai?

kaisē cunūm̐ maiṁ apanī maṁjila kō, jahām̐ bikharā huā mērā dila hai?

kaisē baḍha़āū kadama apanā āgē, kē karanā phaisalā bahuta muśkila hai?

kadama-kadama para badalē najārē vahām̐, kaisē kahu kē kyā naja़ra kē sāmanē hai?

kahanā tō cāhatā hūm̐ kucha apanēāpa sē, para yē kahanā bahuta muśkila hai।

ulajha ulajha kē thaka cukā hūm̐, phira bhī yē lagatā hai kē ulajhanā abhī bākī hai।

cala rahā hūm̐ jisa rāhapara, patā nahī aba kitanā calanā bākī hai।

bhaṭaka rahā hūm̐ jahām̐ maiṁ vahām̐ kaisē kahūm̐ ki maṁjila kitanī najadīka hai।

para jō hai isa imtihānē jiṁdagī mēṁ pāsa hōnā bahuta muśkila hai।