View Hymn (Bhajan)

Sr No. 3644 | Date: 12-Sep-19991999-09-12गुजरते गुजरते कभी ऐसी राह से गुजरते जाते हैंhttps://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=gujarate-gujarate-kabhi-aisi-raha-se-gujarate-jate-haimगुजरते गुजरते कभी ऐसी राह से गुजरते जाते हैं,

के क्या कहे हम कुछ, कि कहना मुश्किल हो जाता है ।

बदलते कब कदम हमारे राह, ये पता हमें नही चलता है,

चलता है जब पता हमें, तब दूर निकल हम जाते हैं,

के वापस आते आते वक्त हमारा निकल जाता है ।

गुजरते है कभी हम अहंकार की उसी राह से ऐसे,

के कुछ समझना, कुछ मानना हम नहीं चाहते है ।

जूठे जज़बातों का लेकर सहारा हम आगे ही बढ़ते है,

और कुछ तो होता नहीं, पर इंतज़ार के लम्हें बढ़ाते जाते है ।

के दुःख अपना कम करने जगे, हम उसे बढ़ाते जाते है ।

गुजरते गुजरते कभी ऐसी राह से गुजरते जाते हैं
Gujarate gujarate kabhi aisi raha se gujarate jate haim

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गुजरते गुजरते कभी ऐसी राह से गुजरते जाते हैं,

के क्या कहे हम कुछ, कि कहना मुश्किल हो जाता है ।

बदलते कब कदम हमारे राह, ये पता हमें नही चलता है,

चलता है जब पता हमें, तब दूर निकल हम जाते हैं,

के वापस आते आते वक्त हमारा निकल जाता है ।

गुजरते है कभी हम अहंकार की उसी राह से ऐसे,

के कुछ समझना, कुछ मानना हम नहीं चाहते है ।

जूठे जज़बातों का लेकर सहारा हम आगे ही बढ़ते है,

और कुछ तो होता नहीं, पर इंतज़ार के लम्हें बढ़ाते जाते है ।

के दुःख अपना कम करने जगे, हम उसे बढ़ाते जाते है ।



- संत श्री अल्पा माँ
Lyrics in English


gujaratē gujaratē kabhī aisī rāha sē gujaratē jātē haiṁ,

kē kyā kahē hama kucha, ki kahanā muśkila hō jātā hai ।

badalatē kaba kadama hamārē rāha, yē patā hamēṁ nahī calatā hai,

calatā hai jaba patā hamēṁ, taba dūra nikala hama jātē haiṁ,

kē vāpasa ātē ātē vakta hamārā nikala jātā hai ।

gujaratē hai kabhī hama ahaṁkāra kī usī rāha sē aisē,

kē kucha samajhanā, kucha mānanā hama nahīṁ cāhatē hai ।

jūṭhē jaja़bātōṁ kā lēkara sahārā hama āgē hī baḍha़tē hai,

aura kucha tō hōtā nahīṁ, para iṁtaja़āra kē lamhēṁ baḍha़ātē jātē hai ।

kē duḥkha apanā kama karanē jagē, hama usē baḍha़ātē jātē hai ।