View Hymn (Bhajan)

Sr No. 2490 | Date: 22-Jun-19981998-06-22हालात के उलझनों में, मैं जब कमी मैं खोजाता हूँ।https://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=halata-ke-ulajanom-mem-maim-jaba-kami-maim-khojata-humहालात के उलझनों में, मैं जब कमी मैं खोजाता हूँ।

खोता हूँ ऐसी जगह, के फिर सबकुछ मैं खो बैठ़ता हूँ।

भूल जाता हूँ मैं अपनी तमीज़ के तमीज़ को खो बैठ़ता हूँ।

मायूसी के पहनकर लिबाज, मैं अपनी ताजगी खो बैठता हूँ।

होती है शुरूआत ये तो कैसे ये पता नही, पर शुरूआत मैं ही करता हूँ।

फिर क्या पूछना, कि उस शुरूआत का अंत जल्दी चाहता हूँ।

होठो की हँसी और मुस्कान, को तो मैं पूरी तरह खो बैठ़ता हूँ।

खोने-खोनेमें भी क्या फर्क है, हर बात को महसूस कर पाता हूँ।

फिर क्या छोड़कर सबकुछ खोता हूँ ज़ब तुझमें तो सबकुछ वापस पाता हूँ।

खोना तो आखिर खोना ही है, पर पाना है क्या यह जान जाता हूँ।

हालात के उलझनों में, मैं जब कमी मैं खोजाता हूँ।
Halata ke ulajanom mem, maim jaba kami maim khojata hum|

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हालात के उलझनों में, मैं जब कमी मैं खोजाता हूँ।

खोता हूँ ऐसी जगह, के फिर सबकुछ मैं खो बैठ़ता हूँ।

भूल जाता हूँ मैं अपनी तमीज़ के तमीज़ को खो बैठ़ता हूँ।

मायूसी के पहनकर लिबाज, मैं अपनी ताजगी खो बैठता हूँ।

होती है शुरूआत ये तो कैसे ये पता नही, पर शुरूआत मैं ही करता हूँ।

फिर क्या पूछना, कि उस शुरूआत का अंत जल्दी चाहता हूँ।

होठो की हँसी और मुस्कान, को तो मैं पूरी तरह खो बैठ़ता हूँ।

खोने-खोनेमें भी क्या फर्क है, हर बात को महसूस कर पाता हूँ।

फिर क्या छोड़कर सबकुछ खोता हूँ ज़ब तुझमें तो सबकुछ वापस पाता हूँ।

खोना तो आखिर खोना ही है, पर पाना है क्या यह जान जाता हूँ।



- संत श्री अल्पा माँ
Lyrics in English


hālāta kē ulajhanōṁ mēṁ, maiṁ jaba kamī maiṁ khōjātā hūm̐।

khōtā hūm̐ aisī jagaha, kē phira sabakucha maiṁ khō baiṭha़tā hūm̐।

bhūla jātā hūm̐ maiṁ apanī tamīja़ kē tamīja़ kō khō baiṭha़tā hūm̐।

māyūsī kē pahanakara libāja, maiṁ apanī tājagī khō baiṭhatā hūm̐।

hōtī hai śurūāta yē tō kaisē yē patā nahī, para śurūāta maiṁ hī karatā hūm̐।

phira kyā pūchanā, ki usa śurūāta kā aṁta jaldī cāhatā hūm̐।

hōṭhō kī ham̐sī aura muskāna, kō tō maiṁ pūrī taraha khō baiṭha़tā hūm̐।

khōnē-khōnēmēṁ bhī kyā pharka hai, hara bāta kō mahasūsa kara pātā hūm̐।

phira kyā chōḍa़kara sabakucha khōtā hūm̐ ja़ba tujhamēṁ tō sabakucha vāpasa pātā hūm̐।

khōnā tō ākhira khōnā hī hai, para pānā hai kyā yaha jāna jātā hūm̐।