View Hymn (Bhajan)
Sr No. 3901 | Date: 24-Jul-20002000-07-242000-07-24करें आँख बंद और तू विचार बनकर सामने आ जाता हैSant Sri Apla Mahttps://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=karem-ankha-banda-aura-tu-vichara-banakara-samane-a-jata-haiकरें आँख बंद और तू विचार बनकर सामने आ जाता है,
हमारी तनहाई को तू महका जाता है,
या फिर यूँ कह ले कि हमारी तन्हाई को मिटा जाता है ।
कम होता है ऐसा, पर ऐसा जब भी होता है,
मन हमारा मुस्कुरा उठता है, दिल डोलने लग जाता है ।
पाते ही तेरे दीदार, हमें तो बेखुदी छा जाती है,
जब कभी करतें है दिल से तुझे याद तभी ये होता है,
वरना ये मन हमारा तो भटकता ही रहता है ।
तेरी महक से जीवन हमारा महक जाता है,
एक खयाल तेरा, हमारे जीवन के आँगन में कई फूल खिला देता है ।
करें आँख बंद और तू विचार बनकर सामने आ जाता है