View Hymn (Bhajan)
Sr No. 2466 | Date: 11-Jun-19981998-06-111998-06-11खयालों का क्या भरोसा, सवालों का क्या भरोसा?Sant Sri Apla Mahttps://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=khayalom-ka-kya-bharosa-savalom-ka-kya-bharosaखयालों का क्या भरोसा, सवालों का क्या भरोसा?
ये तो बदलते रहते है, ये तो बदलते रहोंगे।
नजारों का क्या ठिकाना, नज़रों का क्या भरोसा?
रहते है दोनों साथ-साथ, फिर भी तो दूर ही रहते है।
क्यों बन रहा है पागल अपनी इच्छाओं के पीछे?
पल-पल बदलती रहेगी ये सदा, अपनी इच्छाओं का क्या भरोसा?
मंजिल की ओर बढ़ने के लिए, लेना है रास्तों का सहारा।
आखिर तो छोड़ने ही है उनपर अपने कदमों के निशान, के राही का क्या भरोसा?
सिर्फ दिखावा जो है, ऐसी दीवानगी का क्या भरोसा?
आए कुछ देने कि बारी, वहाँ पीछे हटे, ऐसी प्रीत का क्या भरोसा?
खयालों का क्या भरोसा, सवालों का क्या भरोसा?