Home » All Hymns » खोया ऐतबार पाया है, अपना खोया प्यार पाया है|
  1. Home
  2. All Hymns
  3. खोया ऐतबार पाया है, अपना खोया प्यार पाया है|
Hymn No. 2020 | Date: 23-Feb-19971997-02-23खोया ऐतबार पाया है, अपना खोया प्यार पाया है|https://www.mydivinelove.org/bhajan/?title=khoya-aitabara-paya-hai-apana-khoya-pyara-paya-haiखोया ऐतबार पाया है, अपना खोया प्यार पाया है|
प्रभु तेरे संग दिल लगाकर मैंने तो सबकुछ पाया है|
कहे सकता हूँ कुछ-कुछ तो, बयान भी नही कर पाता हूँ।
मैंने तेरे प्यार में प्रभु, एक अनमोल खजाना पाया है|
हमारी आँखों में और चेहरे पर भी प्रभु, तेरे प्यार का निखार आया है|
खो चुके थे जो जीवन में हम, वह सब हमने पाया है|
वही नजर है हमारी, पर हमने अपनी नज़र में बदलाव पाया है|
कितनी ये तो पता नही, पर हमने भी समझदारी का एहसास पाया है|
प्रेम, प्यार के अमृत रस का हमने पयपान किया है|
तेरे संग दिल लगाकर, जैसे हमने अपनी हर कमी को मिटाया है|
Text Size
खोया ऐतबार पाया है, अपना खोया प्यार पाया है|
खोया ऐतबार पाया है, अपना खोया प्यार पाया है|
प्रभु तेरे संग दिल लगाकर मैंने तो सबकुछ पाया है|
कहे सकता हूँ कुछ-कुछ तो, बयान भी नही कर पाता हूँ।
मैंने तेरे प्यार में प्रभु, एक अनमोल खजाना पाया है|
हमारी आँखों में और चेहरे पर भी प्रभु, तेरे प्यार का निखार आया है|
खो चुके थे जो जीवन में हम, वह सब हमने पाया है|
वही नजर है हमारी, पर हमने अपनी नज़र में बदलाव पाया है|
कितनी ये तो पता नही, पर हमने भी समझदारी का एहसास पाया है|
प्रेम, प्यार के अमृत रस का हमने पयपान किया है|
तेरे संग दिल लगाकर, जैसे हमने अपनी हर कमी को मिटाया है|