Share ✕ ऐ खुदा, तेरी खुदाई पर मैं मिट जाऊँ क्या करूँ जीतकर तुझसे, बस तुझसे तो मैं हारना चाहूँ- संत श्री अल्पा माँ ऐ खुदा, तेरी खुदाई पर मैं मिट जाऊँ क्या करूँ जीतकर तुझसे, बस तुझसे तो मैं हारना चाहूँ - संत श्री अल्पा माँ Previous ऐ खुदा, तुने अपनी खुदाई में कमी कुछ ना रखी है Next ऐ खुदा, मेरी बंदगी का एक फूल कबूल तू कर लेना Video