Share ✕ समझना चाहा ज़िंदगी को, मगर जान नहीं पाए हाले दिल अपना, किसी को बता नहीं पाए- संत श्री अल्पा माँ समझना चाहा ज़िंदगी को, मगर जान नहीं पाए हाले दिल अपना, किसी को बता नहीं पाए - संत श्री अल्पा माँ Previous समझदारी जीवन में जीवन की सुंदरता बढ़ाने के लिये होती है Next समझा देते हैं औरों को आसानी से Video