Share ✕ उड़ती हुई राख को ना करना कोशिश कभी उड़ाने की करोगे कोशिश तो ढूंढनी पड़ेगी जगह मुँह छिपाने की- संत श्री अल्पा माँ उड़ती हुई राख को ना करना कोशिश कभी उड़ाने की करोगे कोशिश तो ढूंढनी पड़ेगी जगह मुँह छिपाने की - संत श्री अल्पा माँ Previous उठती है जो याद दिल से Next एक कदम पर हँसते हैं, तो दूजे कदम पर रोते हैं Video