Share ✕ ऐ ज़िंदगी, तुझको जानकर भी जान नहीं सकते हैं हूँ खुद मैं तेरी पहचान, फिर भी तेरी पहचान नहीं पाते हैं- संत श्री अल्पा माँ ऐ ज़िंदगी, तुझको जानकर भी जान नहीं सकते हैं हूँ खुद मैं तेरी पहचान, फिर भी तेरी पहचान नहीं पाते हैं - संत श्री अल्पा माँ Previous ऐ खुदा, मेरी बंदगी का एक फूल कबूल तू कर लेना Next ऐ दिल में रहनेवाले, कभी नज़र भी आया करो Video