View Hymn (Bhajan)

Sr No. 1374 | Date: 23-Sep-19951995-09-23देखा जहाँ औरों को, अपनी, अनदेखी रह गईhttps://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=dekha-jaham-aurom-ki-apani-anadekhi-raha-gaiदेखा जहाँ औरों को, अपनी, अनदेखी रह गई

जानी जहाँ औरों की, वहाँ अपनी, अनजानी रह गई

बस इसी सिलसिले में, जिंदगानी हमारी, बह गई

करनी थी जो बात पूरी, वह अधूरी की अधूरी ही रह गई

छूट गई गाड़ी जिंदगी की, और मैं वहाँ खड़ी ही रह गई

सोच की कुछ बातें, सोच में ही रह गई, बात मेरी अधूरी रह गई

औरों की खिड़कीओं में झाँकती रही, अपनी खिड़की में झाँकना भूल गई

जमा कचरा इतना, कि देखकर अपनी खिड़की, मैं घबरा गई

ना अपना सकी अपनेआप को, अपनेआप का अस्वीकार करती गई

जो नहीं, जो बन सकती नहीं, वही अपनेआप को मानती रही

समझी अपनेआप को सबसे निराली, जिंदगी में जीना भूलती रही

आई थी जिस बात को करने पूरी, वह फिर से अधूरी ही रह गई

देखा जहाँ औरों को, अपनी, अनदेखी रह गई
Dekha jaham aurom ko, apani, anadekhi raha gai

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देखा जहाँ औरों को, अपनी, अनदेखी रह गई

जानी जहाँ औरों की, वहाँ अपनी, अनजानी रह गई

बस इसी सिलसिले में, जिंदगानी हमारी, बह गई

करनी थी जो बात पूरी, वह अधूरी की अधूरी ही रह गई

छूट गई गाड़ी जिंदगी की, और मैं वहाँ खड़ी ही रह गई

सोच की कुछ बातें, सोच में ही रह गई, बात मेरी अधूरी रह गई

औरों की खिड़कीओं में झाँकती रही, अपनी खिड़की में झाँकना भूल गई

जमा कचरा इतना, कि देखकर अपनी खिड़की, मैं घबरा गई

ना अपना सकी अपनेआप को, अपनेआप का अस्वीकार करती गई

जो नहीं, जो बन सकती नहीं, वही अपनेआप को मानती रही

समझी अपनेआप को सबसे निराली, जिंदगी में जीना भूलती रही

आई थी जिस बात को करने पूरी, वह फिर से अधूरी ही रह गई



- संत श्री अल्पा माँ
Lyrics in English


dēkhā jahām̐ aurōṁ kō, apanī, anadēkhī raha gaī

jānī jahām̐ aurōṁ kī, vahām̐ apanī, anajānī raha gaī

basa isī silasilē mēṁ, jiṁdagānī hamārī, baha gaī

karanī thī jō bāta pūrī, vaha adhūrī kī adhūrī hī raha gaī

chūṭa gaī gāड़ī jiṁdagī kī, aura maiṁ vahām̐ khaḍa़ī hī raha gaī

sōca kī kucha bātēṁ, sōca mēṁ hī raha gaī, bāta mērī adhūrī raha gaī

aurōṁ kī khiḍa़kīōṁ mēṁ jhām̐katī rahī, apanī khiḍa़kī mēṁ jhām̐kanā bhūla gaī

jamā kacarā itanā, ki dēkhakara apanī khiḍa़kī, maiṁ ghabarā gaī

nā apanā sakī apanēāpa kō, apanēāpa kā asvīkāra karatī gaī

jō nahīṁ, jō bana sakatī nahīṁ, vahī apanēāpa kō mānatī rahī

samajhī apanēāpa kō sabasē nirālī, jiṁdagī mēṁ jīnā bhūlatī rahī

āī thī jisa bāta kō karanē pūrī, vaha phira sē adhūrī hī raha gaī