View Hymn (Bhajan)
Sr No. 3877 | Date: 28-Jun-20002000-06-282000-06-28दिल के अरमानों का क्या कहना, दिल के अरमानों का क्या कहना ।Sant Sri Apla Mahttps://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=dila-ke-aramanom-ka-kya-kahana-dila-ke-aramanom-ka-kya-kahanaदिल के अरमानों का क्या कहना, दिल के अरमानों का क्या कहना ।
कभी ये सँवारे, कभी ये हमें ठुकराये, दिल के अरमानों का क्या कहना ।
कोई नई बात नहीं अब तो पल पल है दिल का मचलना ।
कभी गिरना तो कभी संभलना, पर अरमानों का क्या कहना ।
कभी सच्चाई जानकर लगे हमें दुःख, कभी आये मजा ।
कभी ख्वाब लगे बहुत प्यारे तो कभी लगे हकीकतों से क्या ड़रना ।
बदले जज़बात ऐसे कि बदलाव का क्या कहना, दिल के अरमानों का ...
बनती बिगड़ती हुई इन बातों का क्या कहना, दिल कि अरमानों ...
दिल ही बनाये, दिल ही बिगाडे, दिल के जलवों का क्या कहना ....
इस दिल से होती है सारी दास्ताँ शुरु, इस दिल की दास्ताँ का क्या कहना ...
दिल के अरमानों का क्या कहना, दिल के अरमानों का क्या कहना ।