View Hymn (Bhajan)
Sr No. 3887 | Date: 15-Jul-20002000-07-152000-07-15ह्रदय कमल में आप बसें, और आपको ही नित्य चाहें ।Sant Sri Apla Mahttps://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=hradaya-kamala-mem-apa-basem-aura-apako-hi-nitya-chahemह्रदय कमल में आप बसें, और आपको ही नित्य चाहें ।
ओ गुरुवर ऐसा पूजन हम चाहें ।
त्रिवेणी का संगम हो सदा, उसके जलसे आपका चरण पखालें, ओ ….
मिटे मन से अंधियारा, ज्ञान की रोशनी हम चाहें ।
आँखें होते हुए भी रहें हम तो अंध, अंधापन अपना मिटाना चाहें ।
निकले जिस ओर जाने, सच्ची मंज़िल हम पा लें, ओ गुरुवर ….
करे स्मरण हम आपका, ऐसी विशुद्धता हम पायें, औ गुरुवर ….
दिल के द्वार में आप बसें प्रभु ना कुछ और हम चाहें ।
बढ़े चाहत पल पल हमारी कि सारी चाहतें मिट जायें ।
नयन कमल आपके गुरुजी, देखकर हमको हर्षित हो जायें, ओ
ह्रदय कमल में आप बसें, और आपको ही नित्य चाहें ।