View Hymn (Bhajan)
Sr No. 3886 | Date: 04-Jul-20002000-07-042000-07-04एक अगन ऐसी, जिसमें मैं मगन हो चला ।Sant Sri Apla Mahttps://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=eka-agana-aisi-jisamem-maim-magana-ho-chalaएक अगन ऐसी, जिसमें मैं मगन हो चला ।
एक अगन ऐसी जिसमें मेरा सबकुछ जलकर राख हो गया ।
अगन अगन की लगन लगे, कहना ये मुश्किल है ।
दिल में कब कैसी लगन लगे, कब कैसी लगन लगे ।
कभी खिल उठे जहाँ हमारा, कभी सब छूटन लगे।
ना जाने कब कौन अपनी नींद में से जगे ।
ना जाने कब कौन सोने लगे, अगन अगन ...
दिल की बेताबी कब बढ़ने लगे, दिल कभी पागल होने लगे ।
संभलने लगे जज़बात कभी, तो कभी बिकने लगे ।
दौर कौनसा कब दिल से जुड़ने लगे, अगन अगन ...
कभी गिरे जमीन पर हम तो कभी उँचे गगन में उड़ने लगे ।
एक अगन ऐसी, जिसमें मैं मगन हो चला ।