View Hymn (Bhajan)
Sr No. 3892 | Date: 22-Jul-20002000-07-222000-07-22इन्सान तेरी फितरत बनाने वाले को आश्चर्यचकित कर देती है ।Sant Sri Apla Mahttps://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=insana-teri-phitarata-banane-vale-ko-ashcharyachakita-kara-deti-haiइन्सान तेरी फितरत बनाने वाले को आश्चर्यचकित कर देती है ।
तो बाकी सबकी क्या बात करें कि उनका क्या हाल कर देती है ।
पल बदलते लगे जितना वक्त, उतना भी वक्त नहीं लगता है,
बहुत जल्दी ये बदल जाती है ना ये वक्त लगाती है ।
स्वार्थ से पर है जो इन्सान, उन्हें ना कुछ असर होता है,
स्वार्थ के कारण, ये इन्सान का बेहाल कर देती है ।
अच्छी हो जिनकी फितरत, खुशहाली उनके जीवन में रहती है ।
संजोगों के वार तो चलते रहते हैं,
पता नहीं कौनसे मार पे ये बदल जाती है,
कभी जगे प्यार दिलमें, तो कभी इन्सानीयत मिट जाती है ।
इन्सान तेरी फितरत बनाने वाले को आश्चर्यचकित कर देती है ।