View Hymn (Bhajan)

Sr No. 3892 | Date: 22-Jul-20002000-07-22इन्सान तेरी फितरत बनाने वाले को आश्चर्यचकित कर देती है ।https://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=insana-teri-phitarata-banane-vale-ko-ashcharyachakita-kara-deti-haiइन्सान तेरी फितरत बनाने वाले को आश्चर्यचकित कर देती है ।

तो बाकी सबकी क्या बात करें कि उनका क्या हाल कर देती है ।

पल बदलते लगे जितना वक्त, उतना भी वक्त नहीं लगता है,

बहुत जल्दी ये बदल जाती है ना ये वक्त लगाती है ।

स्वार्थ से पर है जो इन्सान, उन्हें ना कुछ असर होता है,

स्वार्थ के कारण, ये इन्सान का बेहाल कर देती है ।

अच्छी हो जिनकी फितरत, खुशहाली उनके जीवन में रहती है ।

संजोगों के वार तो चलते रहते हैं,

पता नहीं कौनसे मार पे ये बदल जाती है,

कभी जगे प्यार दिलमें, तो कभी इन्सानीयत मिट जाती है ।

इन्सान तेरी फितरत बनाने वाले को आश्चर्यचकित कर देती है ।

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इन्सान तेरी फितरत बनाने वाले को आश्चर्यचकित कर देती है ।

तो बाकी सबकी क्या बात करें कि उनका क्या हाल कर देती है ।

पल बदलते लगे जितना वक्त, उतना भी वक्त नहीं लगता है,

बहुत जल्दी ये बदल जाती है ना ये वक्त लगाती है ।

स्वार्थ से पर है जो इन्सान, उन्हें ना कुछ असर होता है,

स्वार्थ के कारण, ये इन्सान का बेहाल कर देती है ।

अच्छी हो जिनकी फितरत, खुशहाली उनके जीवन में रहती है ।

संजोगों के वार तो चलते रहते हैं,

पता नहीं कौनसे मार पे ये बदल जाती है,

कभी जगे प्यार दिलमें, तो कभी इन्सानीयत मिट जाती है ।



- संत श्री अल्पा माँ
Lyrics in English


insāna tērī phitarata banānē vālē kō āścaryacakita kara dētī hai ।

tō bākī sabakī kyā bāta karēṁ ki unakā kyā hāla kara dētī hai ।

pala badalatē lagē jitanā vakta, utanā bhī vakta nahīṁ lagatā hai,

bahuta jaldī yē badala jātī hai nā yē vakta lagātī hai ।

svārtha sē para hai jō insāna, unhēṁ nā kucha asara hōtā hai,

svārtha kē kāraṇa, yē insāna kā bēhāla kara dētī hai ।

acchī hō jinakī phitarata, khuśahālī unakē jīvana mēṁ rahatī hai ।

saṁjōgōṁ kē vāra tō calatē rahatē haiṁ,

patā nahīṁ kaunasē māra pē yē badala jātī hai,

kabhī jagē pyāra dilamēṁ, tō kabhī insānīyata miṭa jātī hai ।