View Hymn (Bhajan)
Sr No. 3855 | Date: 28-Apr-20002000-04-282000-04-28जहाँ बिखरे अरमान हैं, वहाँ अंजाम का क्या कहना।Sant Sri Apla Mahttps://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=jaham-bikhare-aramana-haim-vaham-anjama-ka-kya-kahanaजहाँ बिखरे अरमान हैं, वहाँ अंजाम का क्या कहना।
जहाँ मंजिलों की कतार है, वहाँ अंजाम का क्या कहना।
जहाँ दिल में इन्तकाम की आग है, वहाँ अंजाम का क्या कहना।
जहाँ इच्छाओं की सुलगती आग है, वहाँ अंजाम का क्या कहना।
जहाँ ना आगे पीछे की कोई सोच नहीं, वहाँ अंजाम का क्या कहना।
जहाँ शिकवे शिकायतों की बरसात है, वहाँ अंजाम का क्या कहना।
जहाँ मान अपमान की ही बात है, वहाँ अंजाम का क्या कहना।
जहाँ कदम कदम पर सुलगती आग है, वहाँ अंजाम का क्या कहना।
जहाँ सच्ची समझ की ना पहुँच है, वहाँ अंजाम का क्या कहना।
जहाँ ना किसीका लिहाज है, वहाँ अंजाम का क्या कहना।
जहाँ बिखरे अरमान हैं, वहाँ अंजाम का क्या कहना।