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Hymn No. 1850 | Date: 02-Nov-19961996-11-02करुँ मैं तेरे संग कैसा भी व्यवहार पर तू कभी कुछ नही कहता है|https://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=karum-maim-tere-sanga-kaisa-bhi-vyavahara-para-tu-kabhi-kuchha-nahi-kahataकरुँ मैं तेरे संग कैसा भी व्यवहार पर तू कभी कुछ नही कहता है|
बरसाता है अपना प्यार तू मुझपर हरहाल में, मैं कमी उसमें ना आने देता है|
बदलूँ चाहे लाख रंग अपने मैं, पर तू एक ही रंगमें रंगा रहता है|
माना हर रंग में है वास तेरा पर तू तो प्रेम रंग में रंगा रहता है|
दुःख-दर्द में, पाने के लिए चैन, प्रभु याद मैं तुझे करता हूँ|
मिटने पर दुःख-दर्द, मैं तो तुझे भूला ही देता हूँ
इतना मतबली व्यवहार मैं तेरे संग करता रहा हूँ|
फिर भी, कभी तू मेरे व्यवहार कि फरियाद ना करता है
करुँ मैं या ना करुँ अपना काम पर तू तो अपना काम किए जाता है|
बिना कुछ कहे ही, हमें अपनी गलती का एहसास दिला देता है|
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करुँ मैं तेरे संग कैसा भी व्यवहार पर तू कभी कुछ नही कहता है|
करुँ मैं तेरे संग कैसा भी व्यवहार पर तू कभी कुछ नही कहता है|
बरसाता है अपना प्यार तू मुझपर हरहाल में, मैं कमी उसमें ना आने देता है|
बदलूँ चाहे लाख रंग अपने मैं, पर तू एक ही रंगमें रंगा रहता है|
माना हर रंग में है वास तेरा पर तू तो प्रेम रंग में रंगा रहता है|
दुःख-दर्द में, पाने के लिए चैन, प्रभु याद मैं तुझे करता हूँ|
मिटने पर दुःख-दर्द, मैं तो तुझे भूला ही देता हूँ
इतना मतबली व्यवहार मैं तेरे संग करता रहा हूँ|
फिर भी, कभी तू मेरे व्यवहार कि फरियाद ना करता है
करुँ मैं या ना करुँ अपना काम पर तू तो अपना काम किए जाता है|
बिना कुछ कहे ही, हमें अपनी गलती का एहसास दिला देता है|

Lyrics in English
karum̐ maiṁ tērē saṁga kaisā bhī vyavahāra para tū kabhī kucha nahī kahatā hai|
barasātā hai apanā pyāra tū mujhapara harahāla mēṁ, maiṁ kamī usamēṁ nā ānē dētā hai|
badalūm̐ cāhē lākha raṁga apanē maiṁ, para tū ēka hī raṁgamēṁ raṁgā rahatā hai|
mānā hara raṁga mēṁ hai vāsa tērā para tū tō prēma raṁga mēṁ raṁgā rahatā hai|
duḥkha-darda mēṁ, pānē kē liē caina, prabhu yāda maiṁ tujhē karatā hūm̐|
miṭanē para duḥkha-darda, maiṁ tō tujhē bhūlā hī dētā hūm̐
itanā matabalī vyavahāra maiṁ tērē saṁga karatā rahā hūm̐|
phira bhī, kabhī tū mērē vyavahāra ki phariyāda nā karatā hai
karum̐ maiṁ yā nā karum̐ apanā kāma para tū tō apanā kāma kiē jātā hai|
binā kucha kahē hī, hamēṁ apanī galatī kā ēhasāsa dilā dētā hai|

Explanation in English
No matter whatever behaviour I may do with you; you never say anything to me.

You shower your love on me in any situation; you never let it become dry.

I may change a millions of colours, but you are coloured in only one colour.

I acknowledge that you reside in every colour, but you are coloured by the colour of love.

To find respite in pain and suffering Oh God, I remember you.

The moment my pain and suffering disappears, I forget you.

Such selfish behaviour I keep on doing with you.

Still you never complain about my behaviour.

Even if I do or don’t do my work Oh God, you keep on doing your work.

Without saying anything, you make us realise our mistakes.