View Hymn (Bhajan)

Sr No. 3909 | Date: 03-Aug-20002000-08-03मतलबी जहाँ का क्या हाल पूछ रहे होhttps://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=matalabi-jaham-ka-kya-hala-puchha-rahe-hoमतलबी जहाँ का क्या हाल पूछ रहे हो,

खुद को खुदके हाथ क्यों लूट रहे हो ।

नहीं है कदर तुम्हें वक्त की कोई, ये कह रहे हो,

या फिर अंजाने में सबकुछ कर रहे हो ।

पूछनी खबर जिसकी, खबर उसकी पूछनी भूल रहे हो,

नहीं पूछनी है खबर जिसकी, उसकी खबर पूछ रहे हो ।

दर्द हमारा करके कम, क्या दर्द लेना चाहते हो?

या फिर यूँ ही खबर पूछ रहे हो।

मतलबी जहाँ का क्या हाल पूछ रहे हो
Matalabi jaham ka kya hala puchha rahe ho

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मतलबी जहाँ का क्या हाल पूछ रहे हो,

खुद को खुदके हाथ क्यों लूट रहे हो ।

नहीं है कदर तुम्हें वक्त की कोई, ये कह रहे हो,

या फिर अंजाने में सबकुछ कर रहे हो ।

पूछनी खबर जिसकी, खबर उसकी पूछनी भूल रहे हो,

नहीं पूछनी है खबर जिसकी, उसकी खबर पूछ रहे हो ।

दर्द हमारा करके कम, क्या दर्द लेना चाहते हो?

या फिर यूँ ही खबर पूछ रहे हो।



- संत श्री अल्पा माँ
Lyrics in English


matalabī jahām̐ kā kyā hāla pūcha rahē hō,

khuda kō khudakē hātha kyōṁ lūṭa rahē hō ।

nahīṁ hai kadara tumhēṁ vakta kī kōī, yē kaha rahē hō,

yā phira aṁjānē mēṁ sabakucha kara rahē hō ।

pūchanī khabara jisakī, khabara usakī pūchanī bhūla rahē hō,

nahīṁ pūchanī hai khabara jisakī, usakī khabara pūcha rahē hō ।

darda hamārā karakē kama, kyā darda lēnā cāhatē hō?

yā phira yūm̐ hī khabara pūcha rahē hō।