View Hymn (Bhajan)
Sr No. 442 | Date: 21-Oct-19931993-10-211993-10-21मेरे जीवन की बुझते हुए दीपक की ज्योत जलीSant Sri Apla Mahttps://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=mere-jivana-ki-bujati-hui-jyota-jaliमेरे जीवन की बुझते हुए दीपक की ज्योत जली
जब से जीवन में मुझे प्रभु, तेरी चाह मिली
जीवन जीने की एक सच्ची राह तो मुझे मिली
जब से जीवन में मुझे प्रभु, तेरी चाह मिली
पुराने दर्द की, दिल के दर्द की, मुझे तो दवा मिली
जब से जीवन में मुझे प्रभु, तेरी चाह मिली
एक मुरझाती हुई कली फिर से खिली
जब से जीवन में मुझे प्रभु, तेरी चाह मिली
खोई हुई तकदीर मुझे फिर से मिली
जब से जीवन में मुझे प्रभु, तेरी चाह मिली
हार की जंजीर टूटी जीवन में, बस जीत ही जीत मिली
जब से जीवन में मुझे प्रभु, तेरी चाह मिली
दुःख-दर्द ने मेरा दामन छोडा, जब से तेरे संग प्रीत कर ली
जब से जीवन में मुझे प्रभु, तेरी चाह मिली
तेरे प्रेम की बहती हुई गंगा मेरे दिल में आ मिली
जब से जीवन में मुझे प्रभु, तेरी चाह मिली
प्यासी थी मैं जन्म-जन्म की, प्रेम पाकर तेरा, मेरी प्यास बुझी
जब से जीवन में मुझे प्रभु, तेरी चाह मिली
मेरे जीवन की बुझते हुए दीपक की ज्योत जली