Share ✕ कमजोरी बढ़ती गई, कमजोर हम होते गए भूल गए सब कुछ हम, ज़िंदगी से ही हम लड़ते रहे - संत श्री अल्पा माँ Previous कमजोरियों को तू हमारे नखरे ना समझना Next कमी का एहसास जहाँ होता है, प्यार वहाँ कम हो जाता है Video