Share ✕ कमजोरियों को तू हमारे नखरे ना समझना समझ गए तेरी इस अदा का राज़ हम फिर कभी ये बात ना कहना- संत श्री अल्पा माँ कमजोरियों को तू हमारे नखरे ना समझना समझ गए तेरी इस अदा का राज़ हम फिर कभी ये बात ना कहना - संत श्री अल्पा माँ Previous कभी हार तो कभी जीत Next कमजोरी बढ़ती गई, कमजोर हम होते गए Video