Share ✕ मुकाबला करने की इच्छा कम हो जाती है तब ना होते हुए भी हम दर्दी बन जाते हैं- संत श्री अल्पा माँ मुकाबला करने की इच्छा कम हो जाती है तब ना होते हुए भी हम दर्दी बन जाते हैं - संत श्री अल्पा माँ Previous मैं दीवारों पर सजाने की कोई चीज नहीं हूँ Next मंजिल की तलाश में हम फिर रहे थे Video