View Hymn (Bhajan)
Sr No. 1442 | Date: 13-Jan-19961996-01-131996-01-13जानकर भी तुझको, जान पाता नहीं हूँSant Sri Apla Mahttps://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=janakara-bhi-tujako-jana-pata-nahi-humजानकर भी तुझको, जान पाता नहीं हूँ
अनजानों की तरह आता हूँ मैं, हर वक्त सामने तेरे
पहचान मैं अपनी, तुझमें ढूँढता रहता हूँ
ढूँढते-ढूँढते पहचान अपनी, मैं तेरे खयालों में खो जाता हूँ
खोने पर, खयालों में, तू मुझे कुछ जाना पहचाना लगता है
दिल मेरा झूमने लगता है, मन मेरा नाचने लगता है
अपनेपन का सबूत, मुझे वहाँ मिलने लगता है
आनंद के गहरे समुंदर में, तन-मन मेरा डूबने लगता है
थी जिसकी तलाश, चाहता था जो, वह अनुभव होने लगता है
वही पहचान तू अपनेआप दे देता है प्रभु, मेरे सवाल मिटा देता है
जानकर भी तुझको, जान पाता नहीं हूँ