View Hymn (Bhajan)
Sr No. 947 | Date: 22-Aug-19941994-08-221994-08-22जिंदगी में यूँ किसीसे ना डरो, किसीसे ना डरोSant Sri Apla Mahttps://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=jindagi-mem-yum-kisise-na-daro-kisise-na-daroजिंदगी में यूँ किसीसे ना डरो, किसीसे ना डरो
जिंदगी यूँ ही रूठ़ जाएगी, डर ही डर में वह चली जाएगी
जिंदगी के रुख को जरा तुम पहचान लो, जरा पहचान लो
रिश्ता सदा उसके संग जरा तुम जोड़ दो, जरा जोड़ दो
मिली है कई बंदगीओं पर ये जिंदगी, तुम इसे सँवार लो
बुझा दो नफरत की आँधी, जिंदगी को तुम सिर्फ प्यार दो
नहीं मिलती है ये बार-बार, इस मौके को हाथ से ना जाने दो
दिल के डर को निकाल कर, हिम्मत से रहना सीख लो
हर एक रूप में इसको स्वीकार कर, इसे सजा दो
दी है जिसने यह जिंदगी, अर्पण उसको प्रेम से करना सीख लो
जिंदगी में यूँ किसीसे ना डरो, किसीसे ना डरो