MY DIVINE LOVE - Sant Sri Alpa Ma Bhajans
MY DIVINE LOVE - Sant Sri Alpa Ma Bhajans
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Hymn No. 2461 | Date: 09-Jun-19981998-06-09तेरी कृपा, तेरी इनायत को मैं जानता हूँ, मैं मानता हूँ।https://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=teri-kripa-teri-inayata-ko-maim-janata-hum-maim-manata-humतेरी कृपा, तेरी इनायत को मैं जानता हूँ, मैं मानता हूँ।

क्योंकि जो भी हूँ आज में, वे अपने भाग्य से नही, इस बात को जानता हूँ।

बरस रही है तेरी कृपा, तेरी इनायत मुझपर, रह सदा यही चाहता हूँ।

पाया मैंने जो तेरी नजरों से, उसे अब के ना गँवाना चाहता हूँ।

बिखरा हुआ था मैं, पर आज मैं अपनेआप को सँवरा हुआ पाता हूँ।

पाकर तेरा प्यार अब, मैं हरपल एक मस्ती में रहता हूँ।

अपने कर्मों की क्या बात करुँ, के ना उनसे कोई उम्मीद करता हूँ।

स्वार्थ में था अबतक, डुबाकर कहाँ कोई अच्छा काम करता हूँ।

पर पाई तेरी इनायत, तो, इस बात का एहसास मैं करता हूँ।

तेरी कृपा, तेरी इनायत को मैं जानता हूँ, मैं मानता हूँ।
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तेरी कृपा, तेरी इनायत को मैं जानता हूँ, मैं मानता हूँ।

क्योंकि जो भी हूँ आज में, वे अपने भाग्य से नही, इस बात को जानता हूँ।

बरस रही है तेरी कृपा, तेरी इनायत मुझपर, रह सदा यही चाहता हूँ।

पाया मैंने जो तेरी नजरों से, उसे अब के ना गँवाना चाहता हूँ।

बिखरा हुआ था मैं, पर आज मैं अपनेआप को सँवरा हुआ पाता हूँ।

पाकर तेरा प्यार अब, मैं हरपल एक मस्ती में रहता हूँ।

अपने कर्मों की क्या बात करुँ, के ना उनसे कोई उम्मीद करता हूँ।

स्वार्थ में था अबतक, डुबाकर कहाँ कोई अच्छा काम करता हूँ।

पर पाई तेरी इनायत, तो, इस बात का एहसास मैं करता हूँ।



- संत श्री अल्पा माँ
Lyrics in English


tērī kr̥pā, tērī ināyata kō maiṁ jānatā hūm̐, maiṁ mānatā hūm̐।

kyōṁki jō bhī hūm̐ āja mēṁ, vē apanē bhāgya sē nahī, isa bāta kō jānatā hūm̐।

barasa rahī hai tērī kr̥pā, tērī ināyata mujhapara, raha sadā yahī cāhatā hūm̐।

pāyā maiṁnē jō tērī najarōṁ sē, usē aba kē nā gam̐vānā cāhatā hūm̐।

bikharā huā thā maiṁ, para āja maiṁ apanēāpa kō sam̐varā huā pātā hūm̐।

pākara tērā pyāra aba, maiṁ harapala ēka mastī mēṁ rahatā hūm̐।

apanē karmōṁ kī kyā bāta karum̐, kē nā unasē kōī ummīda karatā hūm̐।

svārtha mēṁ thā abataka, ḍubākara kahām̐ kōī acchā kāma karatā hūm̐।

para pāī tērī ināyata, tō, isa bāta kā ēhasāsa maiṁ karatā hūm̐।

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Explanation in English
I know it’s your grace and your kindness, I believe in it.

Because what I am today is not due to my fate, I know it.

Your grace and your kindness is pouring over me, I pray it always remains.

What I have got through your blessings, I do not want to lose that.

I was scattered all over but now I find myself to be composed.

After getting your love, I am in joy and mischief all the time.

What should I talk about my karma (actions and their results), I do not have any hopes from it.

Till now I was immersed in selfishness, how could I do any good work?

But after getting your grace, I can now feel and understand these things.