View Hymn (Bhajan)
Sr No. 487 | Date: 07-Nov-19931993-11-071993-11-07है ये कैसी माया अनोखी, है ये कैसी मायाSant Sri Apla Mahttps://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=hai-ye-kaisi-maya-anokhi-hai-ye-kaisi-mayaहै ये कैसी माया अनोखी, है ये कैसी माया
तपती धूप में भी बरसे बरसात की ये धारा
जीवन के रेगीस्तान में है ये कैसी घनी छाया
ना बच पाए कोई, ऐसी है ये कैसी अनोखी माया
जन्म-मरण के बीच में है ये कैसा सफर सुहाना
ढलती हुई रात लेकर आए नया सवेरा
बिछड़ा एक बार जो यहाँ से, दुबारा वह ना मिला
भूल-भुलैया से इस जीवन में याद कुछ ना रहा
माया में तेरी ऐसे उलझे, ना तुझे कभी चाहा
फिर भी तुमने अपनाया हमको, ना दर से तेरे तुमने ठुकराया
है ये कैसी माया अनोखी, है ये कैसी माया