View Hymn (Bhajan)
Sr No. 455 | Date: 24-Oct-19931993-10-241993-10-24नहीं रहता कुछ भी याद, मैं सबकुछ भूल जाता हूँ, भूल जाता हूँ, भूल जाता हूँSant Sri Apla Mahttps://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=nahi-rahata-kuchha-bhi-yada-maim-sabakuchha-bhula-jata-hum-bhula-jataनहीं रहता कुछ भी याद, मैं सबकुछ भूल जाता हूँ, भूल जाता हूँ, भूल जाता हूँ
आती है याद तेरी मुझे, मैं सबकुछ भूल जाता हूँ, भूल जाता हूँ, भूल जाता हूँ
दर पर तेरे जब मैं आता हूँ, अपना घर भी मैं भूल जाता हूँ, भूल जाता हूँ, भूल जाता हूँ
देखकर के मुखडा तेरा प्रभु, करके दर्शन तेरा प्रभु, ना जाने कहाँ मैं खो जाता हूँ
नहीं चलता पता, किस सागर में डूब जाता हूँ, मैं सबकुछ भूल जाता हूँ
नहीं रहती खुद की खबर, कौन मुझे मुझसे चुरा लेता है, मैं सबकुछ भूल जाता हूँ
जाऊँ कहीं भी, तेरा मुखडा नजर के सामने से नहीं हटता है
मन मेरा भी छोडकर सबकुछ, तेरा ही नाम लेता है, तुझे ही खोजता रहता है
दिल मेरा प्रभु, तेरे प्यार में डुबा रहता है, तुझे ही सदा याद करता रहता है
ना जाने कौन-सा जादू तुमने मुझपर चलाया है, जीवन बनकर मेरी साँसों में समाया है
नहीं रहता कुछ भी याद, मैं सबकुछ भूल जाता हूँ, भूल जाता हूँ, भूल जाता हूँ