View Hymn (Bhajan)

Sr No. 1111 | Date: 28-Dec-19941994-12-28है ये किताब कैसी, कि ना पढ़ सके इसे कोईhttps://www.mydivinelove.org/bhajan/default.aspx?title=hai-ye-kitaba-kaisi-ki-na-padha-sake-ise-koiहै ये किताब कैसी, कि ना पढ़ सके इसे कोई

ना खोल सके इसे कोई, ना बंद कर सके इसे कोई

खुदा की मेहरबानी के बिना, ना जान सके इसे कोई

करे हर कोई इसे पढ़ने की कोशिश, पर ना पढ़ सके इसे कोई

खुला कोई नया पन्ना कब, और कब बंद हो, ये ना जान सके कोई

फिर भी जानने की इसे, सब करे चतूराई, ना पढ़ सके इसे कोई

आएगा कब कौन-सा दृश्य आँखो के सामने, इसे जान सके ना कोई

फिर भी जानने की तसल्ली, अपनेआप को देता रहे हर कोई

कब लाए ये कौन-सा रंग, बस यही ना जान पाए कोई

कब होगी बंद, जो आज तक रही है खुली, ना जान सके इसे कोई

है ये किताब कैसी, कि ना पढ़ सके इसे कोई
Hai ye kitaba kaisi, ki na padha़ sake ise koi

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है ये किताब कैसी, कि ना पढ़ सके इसे कोई

ना खोल सके इसे कोई, ना बंद कर सके इसे कोई

खुदा की मेहरबानी के बिना, ना जान सके इसे कोई

करे हर कोई इसे पढ़ने की कोशिश, पर ना पढ़ सके इसे कोई

खुला कोई नया पन्ना कब, और कब बंद हो, ये ना जान सके कोई

फिर भी जानने की इसे, सब करे चतूराई, ना पढ़ सके इसे कोई

आएगा कब कौन-सा दृश्य आँखो के सामने, इसे जान सके ना कोई

फिर भी जानने की तसल्ली, अपनेआप को देता रहे हर कोई

कब लाए ये कौन-सा रंग, बस यही ना जान पाए कोई

कब होगी बंद, जो आज तक रही है खुली, ना जान सके इसे कोई



- संत श्री अल्पा माँ
Lyrics in English


hai yē kitāba kaisī, ki nā paḍha़ sakē isē kōī

nā khōla sakē isē kōī, nā baṁda kara sakē isē kōī

khudā kī mēharabānī kē binā, nā jāna sakē isē kōī

karē hara kōī isē paḍha़nē kī kōśiśa, para nā paḍha़ sakē isē kōī

khulā kōī nayā pannā kaba, aura kaba baṁda hō, yē nā jāna sakē kōī

phira bhī jānanē kī isē, saba karē catūrāī, nā paḍha़ sakē isē kōī

āēgā kaba kauna-sā dr̥śya ām̐khō kē sāmanē, isē jāna sakē nā kōī

phira bhī jānanē kī tasallī, apanēāpa kō dētā rahē hara kōī

kaba lāē yē kauna-sā raṁga, basa yahī nā jāna pāē kōī

kaba hōgī baṁda, jō āja taka rahī hai khulī, nā jāna sakē isē kōī