1. Home
  2. Spiritual Talks
  3. જીવન એટલે શું?

Read Spiritual Talk

हँसती है एक आँख मेरी, तो रोती है दूसरी
Sr No. 66 | Date: 24-Aug-1992

View Original
Increase Font Decrease Font

हँसती है एक आँख मेरी, तो रोती है दूसरी

जीवन का एक स्वरूप हसता है, तो दूसरा है रोता

स्वीकारता हूँ मैं दोनों स्वरूपों को, नत मस्तक होकर

अभिमान तो गया मेरा, पर स्वाभिमान भी गया जब मेरा

तब मिले मेरे प्रभु मुझे, कमल की तरह

खिल गये दो नयन मेरे, चली गई जिंदगी से खामोशी

मिल गई मंझील मुझे


- संत श्री अल्पा माँ
Transliteration in English

ham̐satī hai ēka ām̐kha mērī, tō rōtī hai dūsarī

jīvana kā ēka svarūpa hasatā hai, tō dūsarā hai rōtā

svīkāratā hūm̐ maiṁ dōnōṁ svarūpōṁ kō, nata mastaka hōkara

abhimāna tō gayā mērā, para svābhimāna bhī gayā jaba mērā

taba milē mērē prabhu mujhē, kamala kī taraha

khila gayē dō nayana mērē, calī gaī jiṁdagī sē khāmōśī

mila gaī maṁjhīla mujhē

Previous
Previous
આધિ વ્યાધિ ઉપાધિની સાંકળ પ્રભુ છે
Next
Next
હે મારા પ્રભુ, છો તમે તો આ જગના જનેતા



हँसती है एक आँख मेरी, तो रोती है दूसरी जीवन का एक स्वरूप हसता है, तो दूसरा है रोता स्वीकारता हूँ मैं दोनों स्वरूपों को, नत मस्तक होकर अभिमान तो गया मेरा, पर स्वाभिमान भी गया जब मेरा तब मिले मेरे प्रभु मुझे, कमल की तरह खिल गये दो नयन मेरे, चली गई जिंदगी से खामोशी मिल गई मंझील मुझे हँसती है एक आँख मेरी, तो रोती है दूसरी 1992-08-24 /conv_para/?title=hansati-hai-eka-ankha-meri-to-roti-hai-dusari